जिन्हे बंदूक से निकली गोलियां भी परफॉर्म करने से रोक न पाईं : बॉब मार्ले

बॉब मार्ले. आज टीशर्ट पर चस्पा हैं. अपनी संक्रामक स्माइल के साथ. मगर अपने जीवन से, अपने गीतों से टीशर्ट पर आने का उनका सफ़र शायद इस दुनिया का सबसे इंस्पायरिंग सफ़र है. “मैं कभी किसी के बारे में कुछ बुरा नहीं कहता, क्यूंकि मेरा दिल पूरी तरह से साफ़ है.” ऐसा कहने वाला बॉब मार्ले एक पूरी इंसानी खेप को प्यार करना सिखा गया. “मैं सिर्फ सिचुएशन समझता हूं और ग़लत को सही से अलग करके कह देता हूं.” 

अपने नाना के फर्म पर 6 फरवरी 1945 को पैदा हुआ रॉबर्ट नेस्टा मार्ले. असल में नाम रखा गया था नेस्ट रॉबर्ट मार्ले. मगर जब इनका पासपोर्ट बन रहा था तो नाम बदल दिया गया. क्यूंकि नेस्टा एक लड़की का नाम लगता था. 10 साल की उमर में अपने बाप को हार्ट अटैक की वजह से खो देने वाला बॉब शुरुआत से ही म्यूज़िक के आस पास रहा. नेविल लिविंग्स्टन का साथ मिला. स्कूल में ही. आगे चलके इन दोनों ने बेहद फ़ेमस रेगी ग्रुप द वेलर्स बनया.  नेविल को 3 ग्रैमी अवॉर्ड्स मिले.

अपने स्टैंड को क्लियर करके उस पर डटा रहने वाला बॉब मार्ले. वो जो गाने से डरता नहीं था. भले ही उसका गाना अथॉरिटी के ख़िलाफ़ हो. पूरी दुनिया में होने वाले हर मेजर घटनाक्रम पर बॉब मार्ले अपनी राय रखते थे. उन पर गाने लिखते थे. कवितायें कहते थे. दिसंबर 1976 में बॉब मार्ले जमाइका में थे. एक कंसर्ट ऑर्गनाइज़ करवाई गई थी. स्माइल जमाइका.

इसे ऑर्गनाइज़ करने के पीछे जमाइका के प्रधानमंत्री माइकल मैनली का भी हाथ था. वो चाहते थे कि वहां की पार्टियों पीपल्स नेशनल पार्टी (जो कि सत्ता में थी) और जमाइका लेबर पार्टी के समर्थकों के बीच टेंशन को कम किया जा सके. क्यूंकि इन दोनों के बीच जमाइका में जमकर गैंगवार सी स्थिति बनी हुई थी. द्वीप पर पूरी तरह से बन्दूक का राज था. अंधाधुंध मर्डर हो रहे थे. जो काफी हद तक पोलिटिकली मोटिवेटेड हुआ करते थे. 

मगर हुआ ये कि सत्ता में रहने वाली पीपल्स नेशनल पार्टी ने इस कंसर्ट को आगे बढ़ाकर ठीक चुनाव के दिन रख दिया. अब इससे ये लगने लगा कि पीपल्स नेशनल पार्टी इस कंसर्ट को चुनावी रैली की तरह इस्तेमाल करेगी. और ऐसे में बॉब मार्ले जमाइका के प्रधानमंत्री की तरफ से चुनाव प्रचार करने वाले बन गए. हालांकि बॉब खुद इस बारे में कोई राय नहीं रखते थे. वो लोगों को अपने गानों से संबोधित करना चाहते थे. उनके पास पॉलिटिकल मोटिव की गुंजाइश ज़रा कम ही थी.

3 दिसंबर 1976. जमाइका में बॉब के घर के सामने भीड़ जमा हो रही थी. उनके घर के आस-पास बहुत तनाव की स्थिति थी. वो नाखुश थे. जो भी कुछ हो रहा था उस से. सादे कपड़ों में पुलिस वाले उनके घर के आस-पास टहल रहे थे. मार्ले अपने घर के बाहर खड़े लोगों से कई बार उलझ चुके थे. उनसे उनकी बहस हो चुकी थी. इधर घर के अन्दर वो और उनका बैंड रिहर्सल पर रिहर्सल किये जा रहा था. रात में वो ‘Baby We’ve Got A Date (Rock It Baby)’, ‘Midnight Ravers’, ‘Rastaman Chant’ और ‘Trenchtown Rock’ की तैयारी में जुटे हुए थे. इसके साथ ही उनके पास गांजे की अगली खेप आने वाली थी. क्यूंकि क्रिसमस नज़दीक था और उस समय सही माल मिलने में दिक्कत होती है.

बॉब की वाइफ़ रीटा अपने घर से निकलीं. उनकी वोक्सवैगन जैसे ही घर से निकली, एक दूसरी गाड़ी उनके घर की ओर मुड़ गयी. जब कार पास हुई, एक आदमी ने रीटा के ऊपर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. बुलेट सर को छूती हुई निकली. ज़्यादा नुकसान नहीं हुआ. दो बंदूकधारी घर के अन्दर घुसना चाहते थे. जहां बॉब और उनका बैंड रिहर्सल कर रहा था. मार्ले का मैनेजर किचन में था. उसको देखते ही इन दोनों ने ऑटोमेटिक बंदूकों से गोलियां चलानी शुरू कर दीं. सभी बैंड मेम्बर्स जान बचाने के लिए भागे. कुछ नीचे कूदने लगे.

बॉब मार्ले भी भाग रहे थे लेकिन अचानक एक हमलावर उनके सामने आकर खड़ा हो गया. उसका निशाना सीधा बॉब पर था. बॉब हिल नहीं सकते. जैसे ही उसने बॉब के सीने पर गोलियां दागीं, बॉब के मैनेजर डॉन टेलर ने उन्हें घसीट लिया. इससे गोली बॉब को वहां नहीं लगी जहां लगने पर उन्हें ज़्यादा दिक्कत हो सकती थी. उन्हें गोली बांह में लगी. और वो गोली उके शरीर में उनकी मौत तक मौजूद रही. डॉक्टर्स ने कहा कि अगर वो गोली निकाली गयी तो शायद बॉब अपनी अंगुलियों से कोई काम नहीं ले सकेंगे.

बॉब मार्ले उस घटना में बच गए. उन्हें ख़ास चोट नहीं आई. उनसे कंसर्ट कैंसिल करने को कहा गया लेकिन उन्होंने इसके जवाब में जो कहा उसने बॉब मार्ले को एक महान इंसान बना दिया. बॉब ने कहा, “वो लोग जो इंसानियत को चोट पहुंचाना चाहते हैं, अगर वो छुट्टी नहीं ले रहे, तो मैं क्यूं लूं?” बॉब ने तय दिन चोट खाने के बावजूद उस कंसर्ट में परफॉर्म किया.

बाद में अमरीकी एजेंसी सीआईए की शह पर इस गोलीबारी की घटना के करवाए जाने की बातें हुईं.  जिस पर यकीन करने वाले आज भी यकीन करते हैं. मगर गोलियों के प्रायोजक के नाम के उस राज़ से पर्दा कभी उठा नहीं पाया.

 

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