कोई मृत परिजन सपने में आता है तो जिंदगी में दिखाई देते है ये प्रभाव।

कोई मृत परिजन सपने में आता है तो जिंदगी में दिखाई देते है ये प्रभाव

मृत्यु जीवन का सबसे बड़ा सत्ये है हर किसी को एक न एक दिन इस दुनिया को छोड़ कर जाना ही होता है। हम सभी ने अपने जीवन में अपने किसी ना किसी करीबी को जरूर खोया है। और बहुत बार ऐसा भी होता है जब हमारे मृत परिजन सपने में आते है। ऐसे में जो अहसास होता है वो रहस्यमयी और अनोखा होता है। मनोविज्ञान के अनुसार इन सपनो में कोई ख़ास मैसेज छुपा होता है।loved ones in dreams

माना जाता है की हमारे नजदीकी सपनो के माध्यम से हमे भविष्य में होने वाली घटना के प्रति सावधान करना चाहते है। जिससे हम सही समय पर सावधानी से काम करे।

चलिए जानते है कुछ ख़ास बातें जिनसे ये सपने और भी ख़ास बन जाते है।

दुखो से उभरने में मदद

जीन लोगो को सपने में अपने मरे हुए नजदीकी नजर आते है उनके लिए यह बहुत ही लाभकारी रहता है। जीवन में चल रही तकलीफो से जो दुःख होता है उनसे निकलने में यह सपने बहुत मदद करते है। देखा जाता है की ऐसे सपनो के बाद लोग अपने जीवन में काफी तेजी से आगे बढ़ते है।

सपना देखने वाले को होते हैं तीव्र भावनात्मक प्रभाव

किसी भी इंसान को जब उसका मरा हुआ नज़दीकी सपने में नज़र आता है, तो सपना पूरा होने के बाद जब उस व्यक्ति की नींद खुलती है, तो एक अलग ही एहसास होता है। नींद से जागने के बाद व्यक्ति अपने आप को काफ़ी पॉज़िटिव महसूस कर रहा होता है।

इशारों में कह जाते हैं अपनी बात

Source: dreamstudies

सपने में आने वाला हर मरा हुआ करीबी कभी भी अपनी बात को शब्दों में बोल कर बयां नहीं करता है। वह केवल अपने इशारों और हाव-भाव से अपनी बात को व्यक्त करता है। नज़दीकी होने की वजह से लोग उनके द्वारा दिए जाने वाले मैसेज को इशारों में भी समझ जाते हैं।

हमारी मदद करने आते हैं मरे हुए नज़दीकी इंसान

सपने में आने वाला हर मरा हुआ हमारा नज़दीकी रिश्तेदार या दोस्त हमें जीवन में आने वाली किसी बड़ी समस्या से बचने के लिए सावधान करने आता है। इसके अलावा कई बार वो जीवन से जुड़े महत्त्वपूर्ण फ़ैसलों में हमें गाइडेंस देने भी आते हैं।

देने आते है संतुष्टि भरा आश्वासन

मरे हुए परिचित अकसर लोगों को यह आश्वासन देने आते हैं कि वो जहां कहीं भी हैं ख़ुश हैं। इसके साथ वो यह भी कहने आते हैं कि हमें भी अपने जीवन में ख़ुश रहना चाहिए।

जीवित रहते हुए जो बीमार थे, वो भी स्वस्थ नज़र आते हैं

इन सपनों में एक ख़ास बात यह भी होती है कि जो परिचित अपनी मौत के समय काफ़ी बीमार और अस्वस्थ थे, वो सपनों में काफ़ी स्वस्थ नज़र आते हैं। सपनों के दौरान देखने वाले को उनके चेहरे पर एक अलग ही तेज नज़र आता है।

इन सपनों के दौरान होता है वास्तविकता का एहसास

इस तरह के सपनों के दौरान आने वाली भावनाएं काफ़ी तीव्र और ज्वलंत होती हैं। ऐसे में सपना देखने वाले को यह बिल्कुल भी आभास नहीं होता है कि यह हक़ीक़त नहीं बल्कि एक सपना है। कुछ मामलों में तो नींद खुलने के बाद भी इंसान उस प्रभाव से बाहर नहीं निकल पाता है. ऐसे सपनों के प्रभाव कुछ पलों से लेकर सालों तक बने रह सकते हैं।

ऐसे सपनों के बाद अकसर लोगों की लाइफ़ बदल जाती है

जिन-जिन लोगों को मरे हुए नज़दीकियों के सपने आते हैं, उनके लिए ये सपने एक तरह से लाइफ़ चेंजिंग अनुभव होते हैं। कई लोग इन सपनों में अपनों द्वारा इशारों में दी जाने वाली गाइडेंस को अपना कर अपने जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन कर डालते हैं।

 

आध्यात्म और मनोविज्ञान दोनों में इस बात का ज़िक्र किया गया है कि हमारे अपने जो दुनिया छोड़ कर जा चुके हैं, वो सपनों में आकर हमारे साथ बने रहते हैं। वो हमारे अच्छे के लिए हमेशा हमारे साथ खड़े होते हैं, ज़रूरत होती है केवल उनके इशारों को समझने की।

source: gazabpost

 

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