त्रिदोश वात्त पित्त और कफ को संतुलित रखने के उपाए।

वात्त पित्त और कफ संतुलित रखने के ऐसे उपाए जिनमे आपको सिर्फ कुछ बातो का ध्यान रखना है और आप तीनो को संतुलित रख सकते है और आप पूरी तरह से हष्ट पुश्त हो जायेगे।

छाती से जांग तक के सभी रोग पित्त के रोग होते है जैसे अल्सर, गैस होना, खाते समय मुँह से पानी आना या मुँह का पानी सुख जाना, jaundice, पीलिया, किडनी खराब, लिवर खराब आदि।vata,pitta,kapha healing in hindi

बातें जिनका ध्यान रख आप खुद को स्वस्थ रख सकते है

 

खाना खाने के बाद कभी भी पानी नहीं पीना चाहिए

कारण: जब हम खाना खाते है तो वो हमारे शरीर के जठर नाम के भाग में जाकर इकठा हो जाता है।जठर मे अग्नि होती है। जो खाने को पचने में मदद करती है।

जब हम खाना खाने के बाद पानी पीते है तो वो अग्नि बुझ जाती है और खाना नहीं पच पाता।खाना सड जाता है और सडा हुआ खाना कई तरह की बीमारियां पैदा करता है।

पानी जब भी पीये घूँट घूँट कर पीये।

कारण: हमे पानी ऐसे पीना चाहिए जैसे चाय, दूध, या कॉफ़ी पी रहे हो।

मुँह की लार पेट में जाने से एसिडिटी शांत रहती है और मुँह की लार पेट में तब जाती है। जब हम घूँट घूँट कर पानी पीते है।

सुबह सोकर उठते ही पानी पीये।

कारण: रात को सोने के बाद जो जमा लार है वो निचे जाएगी जिससे तेज़ाब शांत रहेगा। सुबह का पानी बड़ी आंत में जाता है जहाँ पर मल इक्टठा होता है और वो सारा मल बहार निकल जाता हैजिससे आपको कभी कब्ज़ की समस्या भी नहीं होगी।

ठंडा पानीभूल कर भी न पीये।

कारण: हमे अपने शरीर को हमेशा गरम रखना चाहिए।जिससे हम खुद को ज्यादा एक्टिव महसूस करेंगे। ठंडा पानी हमारे शरीर को ठंडा कर देता है।

खाना चबा-चबा कर खाये।

कारण: हमे खाना उतनी बार चबाना चाहिए जितने हमारे मुँह में दांत हो ऐसा करने से हमारी पाचन क्रिया ठीक रहती है। निचे बैठ कर खाना खाने से खाना जल्दी पचता है।

दोपहर के खाने के बाद आराम जरूरी।

कारण: दोपहर के खाने के बाद कम से कम 48 minutes तक आराम करना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि दोपहर के खाने के बाद सूर्य की गर्मी के कारण हमारा ब्लड pressure बढ़ता है जिसे नार्मल रखने के लिए आराम बेहद जरूरी है।

लेटने की सबसे सही मुद्रा है लेफ्ट साइड में।

48 minute से ज्यादा रेस्ट न करे वरना मोटापा आ जायेगा।

रात का खाना खाने के बाद 2 घंटे तक आराम न करे। क्योंकि रात के समय हमारा ब्लड प्रेशर कम होता है जो लेटने के कारन और भी कम हो सकता है।

किस खाने के साथ क्या चीज़ न खाये।

दूध के साथ दही न खाये।

ठंडी चीज़ के साथ गरम चीज़।

उड़द की दाल के साथ दही।

खट्टे फल के साथ दूध।

प्याज के साथ दूध।

और सबसे जरूरी दही में नमक।

सूने में थोड़ा अजीब लगेगा लेकिन दही के साथ नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दही में जीवाणु होते है अगर आप लेंस लगाकर देखोगे तो आपको बहुत जीवाणु दिखाई देंगे।दही में नमक डालने से जीवाणु मर जाते है। जिससे दही की पोष्टकता कम हो जाती है। इसीलिए दही में मीठा मिलाकर ही खाना चाहिए।

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